भारत के रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ा रहे युवा उद्यमी साहिल लूथरा के खिलाफ साजिश के तार अब सीधे तौर पर विदेशी धरती से जुड़ते नजर आ रहे हैं। विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस (VTDS) के मैनेजिंग डायरेक्टर को मिली ताजा धमकियों ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दी है, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गठजोड़ का भी खुलासा किया है।
विदेशी नंबरों से ‘डेथ वारंट’
ताजा घटनाक्रम में, 26 फरवरी 2026 को साहिल लूथरा को दो अंतरराष्ट्रीय कॉल प्राप्त हुए। दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार:
- पहला कॉल: सुबह 11:15 बजे पुर्तगाल (+351) के नंबर से आया।
- दूसरा कॉल: रात 10:26 बजे जर्मनी (+49) के नंबर से आया।
इन कॉल्स में हमलावरों ने न केवल पिछले साल अमृतसर में हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली, बल्कि दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए लूथरा को सीधे तौर पर व्यक्तिगत रूप से गोली मारने की धमकी दी है।
साजिश का अंतरराष्ट्रीय खाका
जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई साधारण रंगदारी का मामला नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है जिसका जाल कई देशों में फैला हुआ है:
- कनाडा और लंदन कनेक्शन: तकनीकी जांच में कॉल के निशान कनाडा, लंदन और अमेरिका तक मिले हैं, जो ‘मास्क्ड वीओआईपी’ (Masked VoIP) तकनीक का हिस्सा हैं।
- पाकिस्तान से साइबर हमला: मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान साहिल लूथरा के आधिकारिक ईमेल और सोशल मीडिया हैंडल पर पाकिस्तान स्थित हैंडल से बड़े पैमाने पर साइबर हमले किए गए थे।
- खालिस्तानी और अंडरवर्ल्ड गठजोड़: शुरुआती धमकियां बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के नाम से शुरू हुईं, जो बाद में गोल्डी बरार और किसी गैंग के ₹10 करोड़ के जबरन वसूली पैटर्न में बदल गईं।
डिफेंस कॉरिडोर को अस्थिर करने की कोशिश?
विशेषज्ञों का मानना है कि लूथरा को निशाना बनाने के पीछे एक बड़ी रणनीतिक साजिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर (झांसी नोड) में लूथरा की कंपनी का बड़ा निवेश और पंजाब में विस्तार की घोषणा के तुरंत बाद ही इन धमकियों का शुरू होना कई सवाल खड़े करता है। क्या विदेशी ताकतें भारत के निजी रक्षा विनिर्माण (Private Defence Manufacturing) की बढ़ती ताकत से घबराकर देश के युवा उद्यमियों को डराना चाहती हैं?
दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने और अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस स्टेशन में इस मामले से जुड़ी कई एफआईआर (जैसे FIR No. 120/2025 और 173/2025) दर्ज हैं। हालांकि, पुर्तगाल और जर्मनी से आए इन ताजा कॉल्स ने मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोड़ दिया है, जिसके लिए अब केंद्रीय एजेंसियों और इंटरपोल के सहयोग की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
साहिल लूथरा और उनके परिवार की सुरक्षा को अब अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि अपराधी लगातार उनके सुरक्षा घेरे की निगरानी करने का दावा कर रहे हैं।