जयपुर: भारत में सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने के उद्देश्य से स्थापित सनातन भारत संघ के लोगो का अनावरण रविवार को होटल रॉयल आर्किड में आयोजित भव्य समारोह में किया गया। श्री आनंद धाम के संस्थापक पीठाधीश्वर एवं अंतरराष्ट्रीय आध्यात्म गुरु श्री रितेश्वर जी महाराज के परम सान्निध्य में संपन्न हुए इस समारोह में जयपुर शहर सांसद श्री रामचरण बोहरा, राज्यसभा सांसद श्री घनश्याम तिवाड़ी एवं हवामहल विधायक श्री बालमुकुंदाचार्य जी महाराज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं:

  • दीप प्रज्वलन के बाद सतगुरू श्री रितेश्वर जी महाराज का भव्य अभिनंदन हुआ।
  • श्री बी.एल. विश्नोई और श्री रोहित तिवारी के स्वागत अभिवादन के उपरान्त उपस्थित गणमान्यजनों ने सनातन भारत संघ के लोगो का अनावरण किया।
  • सनातन भारत संघ के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया।
  • सनातन संस्कृति के अग्रिम ध्वजवाहक श्री बालमुकुन्दाचार्य जी महाराज सहित 18 विभूतियों को सनातन भारत रत्न सम्मान प्रदान किया गया।
  • महिला मोर्चा हरियाणा की प्रदेश महामंत्री गायत्री देवी सहित 9 महिलाओं को नारी शक्ति सम्मान दिया गया।
  • शिव हनुमान मंदिर, झोटवाड़ा के महंत श्री 108 विष्णुदास जी महाराज सहित 9 गणमान्य व्यक्तियों को गौरव पुरस्कार से अभिनंदन किया गया।

सनातन भारत संघ के प्रमुख उद्देश्य:

  • सनातन शिक्षा बोर्ड का गठन करवाना तथा लार्ड मैकाले द्वारा साजिश के तहत थोपी गई शिक्षा पद्धति को खत्म करके सनातन शिक्षा पद्धति को लागू करवाना।
  • सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना तथा सनातन संस्कृति को मजबूत करना।
  • जातिवाद और धार्मिक आडंबर को रोक कर देश को एकता के सूत्र में बांधना।
  • धारा 30-ए हटवाकर देश भर के प्रत्येक स्कूलों में गुरुकुल शिक्षा पद्धति लागू करवाना।
  • फिल्मों और सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाई जा रही अश्लीलता को रोक कर भारत की बेटियों को बचाना।
  • देश के प्राचीन तीर्थ स्थलों एवं मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाना।
  • संपूर्ण भारत में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को लागू करवा कर प्राचीन योगा अभ्यास द्वारा आमजन तक स्वास्थ्य लाभ पहुँचाना।
  • देशभर में 1 हजार गुरुकुल केंद्रों की स्थापना।

यह समारोह सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। सनातन भारत संघ के प्रयासों से निश्चित रूप से भारत में सनातन संस्कृति की जड़ें मजबूत होंगी और देश का गौरवशाली इतिहास पुनर्जीवित होगा।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *