नई दिल्ली/अमृतसर: फिल्म जगत के सितारों को डराने वाला अंडरवर्ल्ड का ‘फिरौती मॉडल’ अब देश के सुरक्षा क्षेत्र (Defence Sector) में भी घुसपैठ कर चुका है। पुलिस और आंतरिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारत के उभरते हुए डिफेंस उद्यमी और ‘विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशंस’ (VTDS) के मैनेजिंग डायरेक्टर साहिल लूथरा अब अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के सीधे निशाने पर हैं।
27 फरवरी की ‘धमकी भरा कॉल’: “पुलिस नहीं बचा पाएगी”
पुलिस फाइलों और आधिकारिक शिकायतों के अनुसार, 26 और 27 फरवरी 2026 को साहिल लूथरा को पुर्तगाल और जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय नंबरों से डरावनी कॉल आईं। अपराधियों ने न केवल 29 नवंबर 2025 को उनके अमृतसर आवास पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली, बल्कि लूथरा को मिली पुलिस सुरक्षा का भी मजाक उड़ाया। आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, गैंगस्टर ने फोन पर कहा:
“तुम्हारी सुरक्षा तुम्हें नहीं बचा पाएगी। अगली गोली घर के बाहर नहीं, सीधे तुम्हारे सीने पर होगी।”
बॉलीवुड जैसा ‘पैटर्न’: वही ₹10 करोड़, वही खौफ
जांच एजेंसियां इस मामले में ठीक वैसा ही पैटर्न देख रही हैं जैसा हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक रोहित शेट्टी के साथ हुआ था।
जिस तरह रणवीर सिंह से ₹10 करोड़ मांगे गए, FIR No. 120/2025 (दिल्ली) के अनुसार साहिल लूथरा से भी अगस्त 2025 में ठीक ₹10 करोड़ की ही फिरौती मांगी गई थी।
शूटआउट का संकेत: रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की तरह ही, लूथरा के अमृतसर आवास पर गोलियां बरसाकर दहशत फैलाने की कोशिश की गई (FIR No. 173/2025)।
विदेशी जाल: पुर्तगाल, जर्मनी, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों से किए गए VoIP कॉल्स के जरिए अपराधी अपनी पहचान छिपा रहे हैं।
पुलिस महकमे में हड़कंप, स्पेशल सेल को सौंपी जांच
दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजे गए ताजा ई-मेल और शिकायतों के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे स्पेशल सेल (Special Cell) को ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे उन ‘डिजिटल फुटप्रिंट्स’ की जांच कर रहे हैं जो अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट जैसे गोल्डी बरार या बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की ओर इशारा कर रहे हैं।
साहिल लूथरा, जो उत्तर प्रदेश और पंजाब के डिफेंस कॉरिडोर में हथियार निर्माण के बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, का मानना है कि ये धमकियां केवल पैसे के लिए नहीं हैं। आंतरिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या भारत को रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ बनाने वाले चेहरों को डराने के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश है।
दिल्ली और पंजाब पुलिस अब इस ‘फिरौती खेल’ के मास्टरमाइंड को बेनकाब करने के लिए एक संयुक्त अभियान चला रही है। लेकिन सवाल वही है—क्या हमारी एजेंसियां इन सात समंदर पार बैठे अपराधियों के खौफ को खत्म कर पाएंगी?














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